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ऐसी कौन सी 'वेबसाइट' है जिन्हें गूगल पर सर्च करना कानून जुर्म है?


हेल्लो दोस्तों मेरा इन्टरनेट ज्ञान में आप सबका सुवागत है दोस्तों इस पोस्ट में हम आपको गूगल से रिलेटेड बहुत ही जरुरी बात बताने वाले है जो आपके लिए बहुत ही जरुरी है | दोस्तों आपको पता है की हम गूगल में कई प्रकार के जानकारी हासिल करने के लिए अलग अलग कीवर्ड गूगल पर सर्च करते रहते है | दोस्तों क्या आपको पता है की गूगल में कुछ कैसे जानकारी सर्च करना मन है | यदि हम ऐसे चीजे सर्च करेंगे तो हमें सजा भी हो सकता है | तो चलिए दोस्तों जानते है की वे कौन सी key word है जिसे हमें गूगल पर भूल कर भी कभी सर्च करना नही चाहिए |

1. दुनिया में बस दो तरह की चीजें हैं, आधी से कैंसर होता है, आधी से ठीक होता है

चैन से सोना चाहते हैं, तो गूगल पर किसी चीज के साथ, खासकर खाने की चीज के साथ कैंसर मत सर्च कीजिएगा. सर्च किया, तो इतना कुछ आ जाएगा कि दिमाग भन्ना जाएगा. ऐसे-ऐसे आर्टिकल और रिसर्च दिख जाएंगे, जिनके मुताबिक सांस लेने से भी कैंसर हो सकता है. इनकी मानें, तो दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं जिससे कैंसर नहीं हो सकता. और जिनसे नहीं हो सकता, उनसे कैंसर ठीक होने की बात मिल जाएगी. जैसे कैंसर कैंसर न हो, चावल का आटा हो. कितना भी डब्बे में बंद रखो, एक-दो महीने में घुन लगना ही है. और हां, इंटरनेट पर आपको सैकड़ों ऐसे आर्टिकल मिलेंगे जो कैंसर के साथ कोई ‘कॉन्सपिरेसी थिअरी’, माने कोई साजिश-वाजिश का चटखारा परोसते हैं. उनके मुताबिक, कैंसर बस दवाई बनाने वाली कंपनियों की साजिश है. उन्होंने ही ये रोग पैदा किया है. इन चीजों को पढ़कर आपके दिमाग में एक शक का कीड़ा घुस जाएगा, जो दिन-रात कुलबुलाता रहेगा. फिर आप ये वाहियात ‘शक का इंफेक्शन’ औरों में फैलाते घूमेंगे.

2. डॉक्टर बनना हो, तो गूगल का सहारा मत लीजिए. MBBS कीजिए

कोई बीमारी हो, तो डॉक्टर के घर जाना चाहिए. खुद डॉक्टर नहीं बनना चाहिए. पुराने लोग भी कह गए हैं- जिसका काम, उसी को साजे. थोड़े पैसे बचाकर इधर-उधर से दवाई खाना आपको वॉरेन बफे कतई नहीं बनाएगा. शरीर का नुकसान तो होगा ही, साथ में बीमारी बढ़ गई तो ज्यादा पैसे खर्च होंगे. गूगल के पास हर मर्ज का इलाज है. मगर ये इलाज नीम-हकीम भी होता है. उसको करना और फलां नदी पर बने फलां पुल के पाया नंबर तीन के नीचे बैठे शर्तिया इलाज वाले हकीम साहब से दवा लेना एक बराबर है. अपनी और अपने परिवार-प्यार-दोस्त की परवाह कीजिए और गूगल पर बीमारी का इलाज सर्च मत कीजिए.

3. गर्भपात कैसे करें

आगे कुछ कहने से पहले ये बता दें कि शादी से पहले सेक्स करना गैरकानूनी नहीं है. शादी के पहले प्रेग्नेंट होना भी गैरकानूनी नहीं है. ये जान लिया, तो आगे पढ़िए. अगर बिना प्लानिंग के प्रेग्नेंट हो जाएं, तो डॉक्टर के पास जाकर सुरक्षित तरीके से अबॉर्शन कराएं. डॉक्टर आपकी पहचान सार्वजनिक नहीं कर सकते. इसमें बहुत पैसे भी नहीं लगते. ‘हाऊ टू अबॉर्ट’ टाइप करके गूगल पर गर्भपात के तरीके खोजना जानलेवा है. ये आपको ‘पका पपीता खाने से बच्चा गिर जाता है’ जैसी चीजें भी बताएगा. आपको अंदाजा भी नहीं कि उल्टी-सीधी दवाएं खाकर अबॉर्शन करने की कोशिश आपको कितनी बड़ी मुश्किल में फंसा सकती है. जान तक जा सकती है. बहुत किस्म के साइड इफेक्ट हो सकते हैं.

4. चाइल्ड पॉर्न

पॉर्न देखने में कोई खराबी नहीं, मगर इसमें भी कुछ है जो बेहद गलत होता है. जैसे- चाइल्ड पॉर्न. छोटे मासूम बच्चे अपने लिए क्या फैसला करेंगे? इसके लिए बच्चों को किडनैप किया जाता है. उनकी खरीद-फरोख्त होती है. उनके ऊपर जुल्म होता है. क्या ऐसी किसी चीज में आनंद तलाशा जा सकता है? इंसान होंगे, तो इसका जवाब देंगे- नहीं. मगर कुछ लोग इंसान होकर भी इंसान नहीं होते. उन्हें गैर-मानवीय चीजों में भी मजा आता है. ऐसों के लिए कानून बना है. चाइल्ड पॉर्न बनाना या देखना, दोनों गैरकानूनी है. ऐसा करने वाले अगर पकड़े गए, तो उनको सजा होती है. सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं. गूगल पर सर्च करने से आप छुप नहीं सकते. आपका आईपी अड्रेस आपकी पहचान भी तो होता है. माने, चाइल्ड पॉर्न जैसी चीजें सर्च करना आपको जेल भी पहुंचा सकता है.

5. बम बनाने का तरीका

आतंकवाद बहुत बढ़ गया है. ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता, जब दुनिया के किसी हिस्से में कोई आतंकी वारदात न हो. इनसे निपटने के लिए सरकारें भी खूब मुस्तैद हो गई हैं. बहुत तैयारी कर रही हैं. इन तैयारियों का एक बड़ा हिस्सा इंटरनेट और सोशल मीडिया पर खर्च हो रहा है. की -वर्ड्स की एक लंबी लिस्ट होती है सुरक्षा एजेंसियों के पास. इधर आपने वो सर्च किया और आप उनके रडार पर आ गए. ‘हाऊ टू मेक अ बॉम्ब’ जैसे की-वर्ड्स इस लिस्ट का हिस्सा हैं. किसी भी तरह के अपराध या आतंकवाद से जुड़ी चीजें गूगल सर्च करने से आप मुसीबत में फंस सकते हैं. फिर चाहे आपने बस जिज्ञासा में आकर क्यों न सर्च कर लिया हो. ‘प्रेशर कूकर बॉम्ब’, ‘बैकपैक बॉम्ब’, ‘हाऊ टू प्रिप्रेयर फॉर लोन वुल्फ अटैक’, ‘हाऊ टू जॉइन ISIS’, ‘हाऊ टू डिरेल अ ट्रेन’, ‘हाऊ टू अटैक अ एयरक्राफ्ट’, जैसी दो-कौड़ी की चीजें कतई सर्च मत कीजिएगा. ऐसी चीजें सर्च करने पर लोगों को पुलिस पकड़ भी चुकी है, वैसे ऐसा विदेशों में ही हुआ है, लेकिन हमें पक्का यकीन है कि भारत का पहला केस आप नहीं बनना चाहेंगे.

6. गूगल पर कभी ‘गूगल सर्च’ न करें

आप हंसेंगे, लेकिन ये सच है. इस दुनिया में ज्यादातर लोग गूगल का क्रोम ब्राउजर इस्तेमाल करते हैं. बहुत से लोग क्रोम ओपन करते हैं. फिर उसमें ऊपर बनी पट्टी पर Google

लिखते हैं. फिर एक पेज खुलता है. और तब उसमें जाकर जो सर्च करना होता है, वो टाइप करते हैं. यार. क्रोम पेज पर ऊपर जो पट्टी बनी होती है, वो भी गूगल का सर्च बार ही होता है. वहां लिखो या गूगल के होमपेज पर जाकर लिखो, बात बराबर है.

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Madhav Netam
Hello Dosto Mera Name Madhav Netam Hai. Main, Mera Internet Gyan, Mera General Knowledge Ka founder Hu. Dosto Mujhe Blogging Karna Bahut Pasand Hai. Main Internet Se Naye Naye Jaankari Leta Rahta Hu Aur Apne Visiter Ke liye Naye Naye Technical Related Jaankari Deta Hu. Aur Main Internet Se Sabka Help Karta Hu Mujhe Help Karna Bahut Achchha Lagta Hai

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