(PMFBY List) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2021: किसान रजिस्ट्रेशन व लाभार्थी सूची

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सरकार द्वारा किसानों की आय को दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना का आरंभ किया है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं। इस लेख को पढ़कर आपको इस योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। जैसे कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना क्या है?, इसके लाभ, उद्देश्य, विशेषताएं, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया आदि। तो दोस्तों यदि आप Kisan Credit Card Scheme से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप से निवेदन है कि आप हमारे इस लेखों को अंत तक पढ़ें।

देश के किसानों की उन्नति के लिए सरकार द्वारा काफी सारी योजनाएं आरंभ की गई हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी देश के किसानों के लिए आरंभ की गई है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इस योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं। जैसे कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है? इसका लाभ, उद्देश्य, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया आदि। तो दोस्तों यदि आप Pradhanmantri Fasal Bima Yojana से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप से निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

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1 PM Fasal Bima Yojana

PM Fasal Bima Yojana

Pradhanmantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत देश के किसानों को किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल में बर्बादी होने पर बीमा प्रदान किया जाएगा। इस योजना का कार्यान्वयन भारतीय कृषि बीमा कंपनी द्वारा किया जाता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में केवल प्राकृतिक आपदा जैसे कि सूखा पड़ना, ओले पड़ना आदि ही शामिल है। यदि किसी और वजह से फसल का नुकसान होता है तो बिमे की राशि नहीं प्रदान की जाएगी।Pradhanmantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 8800 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को खरीफ फसल का 2% और रवि फसल का 1.5% भुगतान बीमा कंपनी को करना होगा। जिस पर उन्हें बीमा प्रदान किया जाएगा। यदि आप भी इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा।

मध्य प्रदेश के 47 लाख किसानों ने किया आवेदन

मुख्यमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश में इस वर्ष 47 लाख किसानों को लाभ पहुंचा है। प्रतिवर्ष 3 लाख किसान इस योजना से जुड़े रहे हैं। सबसे ज्यादा उज्जैन के किसानों ने इस योजना के अंतर्गत अपना बीमा कराया है। उज्जैन में बीमा कराने वाले किसानों की संख्या 4 लाख 29 हजार है एवम सिंगरौली में 855 किसानों ने बीमा करवाया है। सन 2016 में 25 लाख किसानों ने तथा सन 2018 में 35 लाख किसानों ने बीमा कराया है। इस वर्ष बीमा कराने वाले किसानों की संख्या पिछले सभी वर्षों से अधिक है। इस योजना के अंतर्गत बीमा कराने के लिए किसानों को केवल 2% प्रीमियम का भुगतान करना होता है एवं प्रीमियम की 98% राशि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। इसके अलावा मंदसौर, सीहोर, देवास, राजगढ़ के किसानों ने भी इस योजना के अंतर्गत अपना बीमा कराया है।

इस योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य 100% किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ प्रदान करना है। अब तक लगभग 50% किसानों को इस योजना के अंतर्गत कवर कर लिया गया है। यदि किसान पहले से तय फसल को बदलना चाहता है तो किसान को अंतिम तारीख से 2 दिन पहले बदलाव के लिए अपनी बैंक को सूचना देनी होगी। वह किसान जिन के पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है वह कस्टमर सर्विस सेंटर या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं।

Highlights PMFBY Scheme 2021

योजना का नामप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
विभागमिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर
लाभार्थीदेश के किसान
ऑनलाइन आवेदन के आरंभ तिथिआरंभ है
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि31 जुलाई 2019(खरीफ फसल के लिए)
उद्देश्यदेश के किसानों को सशक्त बनाना
सहायता राशि₹200000 तक का बीमा
योजना का प्रकारकेंद्र सरकार की योजना
आधिकारिक वेबसाइटhttps://pmfby.gov.in

यूपी फसल बीमा योजना अपडेट

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सभी किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा इस योजना के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। नए नियमों के अंतर्गत यदि किसानों को फसल पर किसी प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान होता है तो उस स्थिति में बीमा कंपनी द्वारा पहले से अधिक लाभ प्रदान किया जाएगा। पहले गेहूं काटने के बाद मड़ाई के दौरान यदि आग लग जाती थी या फिर बारिश हो जाती थी तो इस स्थिति में किसानों को नुकसान हो जाता था। इस स्तिथि में बीमे का लाभ अकेले किसान को नहीं मिलता था। यह लाभ सामूहिक होता था। इस प्रक्रिया के अंतर्गत कई बार ऐसा होता था कि उन किसानों को भी योजना का लाभ मिल जाता था जिनका कोई नुकसान नहीं हुआ है और कई नुकसान उठाने वाले किसान इस योजना का लाभ पूरी तरह से प्राप्त नही हो पाता था।

 इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अलग-अलग किसानों को पूरी फसल के नुकसान का लाभ प्रदान किया जाएगा। यह लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को अपने सभी दस्तावेजों के साथ किसी बैंक से संपर्क करना होगा। इसके पश्चात धान एवं गेहूं प्रति हेक्टेयर की निर्धारित रकम का किसान द्वारा डेढ़ से दो फीसदी प्रीमियम जमा किया जाएगा। जिसके पश्चात किसानों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

लखनऊ के लगभग 35000 किसानों ने किया बीमा

वह सभी किसान जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड है उनको दोबारा से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बीमा करवाने की आवश्यकता नहीं है। फसल का नुकसान होने पर किसानों को टोल फ्री नंबर पर संपर्क करके सूचना देनी अनिवार्य है। टोल फ्री नंबर 18001030061 है। इसके अलावा किसानों द्वारा नुकसान की सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों को भी दी जा सकती है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 35259 किसानों ने बीमा करवाया है जिसके लिए किसानों द्वारा 3.27 करोड़ रुपए के प्रीमियम का भुगतान किया गया है। लगभग 8411 किसानों ने इस योजना के अंतर्गत क्लेम किया है। जिसके लिए बीमा कंपनी द्वारा 5.78 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।

लखनऊ में कुल 2.29 लाख किसान है और 172714 किसान क्रेडिट कार्ड धारक है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 90000 किसानों का पंजीकरण हो चुका है एवं 1.16 करोड़ किसानों का पंजीकरण होना बाकी है।

31 जुलाई 2021 से पहले करें पंजीकरण

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को किसी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल में होने वाली बर्बादी पर बीमा कवर प्रदान किया जाता है। सरकार द्वारा इस योजना के कार्यान्वयन का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। जिला स्तर पर परियोजना अधिकारी व सर्वेयर इस योजना के कार्यान्वयन के लिए नियुक्त किए गए हैं। यह परियोजना अधिकारी व सर्वेयर सिर्फ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का कार्य करते हैं। इसके अलावा बीमा कंपनी द्वारा भी जिला एवं ब्लॉक स्तर पर अपने कर्मचारियों की नियुक्ति इस योजना के कार्यान्वयन के लिए को गई है। सरकार द्वारा सभी किसानों की शिकायतों का निपटान करने के लिए एक शिकायत निवारण समिति का भी गठन किया गया है। यह शिकायत निवारण समिति जिला स्तर पर कार्यरत है।

इस योजना के अंतर्गत हरियाणा में वर्ष 2021 में खरीफ सीजन में धान, मक्का, बाजरा व कपास एवं रबी सीजन में गेहूं, जाै, चना, सरसों तथा सूरजमुखी की फसलों का बीमा किया जाएगा। वह सभी किसान जो इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें 31 जुलाई 2021 से पहले पहले पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।

योजना से निकासी करने के लिए लिखित में दें बैंक को सूचना

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश के सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। यदि कोई भी ऋण लेने वाला किसान इस योजना का लाभ नहीं प्राप्त करना चाहता तो उसे इस बात की जानकारी 24 जुलाई 2021 तक अपने बैंक को लिखित में देनी होगी। इसके पश्चात उस किसान को इस योजना से बाहर कर दिया जाएगा। यदि किसान द्वारा तय सीमा तक कोई भी जानकारी बैंकों को नहीं प्रदान की गई तो बैंक द्वारा किसान का पंजीकरण इस योजना के अंतर्गत कर दिया जाएगा। और बीमे के प्रीमियम की राशि काट ली जाएगी। वह सभी किसान जो इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं वह अपना आवेदन ग्राहक सेवा केंद्र या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से कर सकता है।

यदि किसी भी किसान द्वारा पहले से नियोजित फसल में कोई बदलाव किया जाता है तो उसे इस बात की जानकारी आवेदन की अंतिम तिथि से 2 दिन पहले बैंक में देनी होगी। यानी कि किसान को इस बात की जानकारी 29 जुलाई 2021 तक बैंक में प्रदान करनी होगी। यदि आप इस योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप किसान कल्याण विभाग द्वारा जारी किए गए टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। टोल फ्री नंबर 1800 180 2117 है। इसके अलावा बैंक शाखा या बीमा कंपनी से संपर्क करके भी इस योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रीमियम राशि

फसलप्रीमियम राशि
धान713.99 रुपए प्रति एकड़
मक्का356.99 रुपए प्रति एकड़
बाजरा335.99 रुपए प्रति एकड़
कपास1732.50 रुपए प्रति एकड़
गेहूं409.50 रुपए प्रति एकड़
जौ267.75 रुपए प्रति एकड़
चना204.75 रुपए प्रति एकड़
सरसो275.63 रुपए प्रति एकड़
सूरजमुखी267.75 रुपए प्रति एकड़

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली रकम

फसलबीमित राशि
धान35699.78 रुपया प्रति एकड़
मक्का17849.89 रुपया प्रति एकड़
बाजरा16799.33 रुपया प्रति एकड़
कपास34650.02 रुपया प्रति एकड़
गेहूं27300.12 रुपया प्रति एकड़
जौ17849.89 रुपया प्रति एकड़
चना13650.06 रुपया प्रति एकड़
सरसो18375.17 रुपया प्रति एकड़
सूरजमुखी17849.89 रुपया प्रति एकड़

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 52 लाख किसानों को मिली दावे की राशि

इस योजना के अंतर्गत सन 2018–19 में 52,41,268 किसानों को फसल के क्लेम की राशि का भुगतान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष लगभग 5.5 करोड़ किसान आवेदन करते हैं। अब तक सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत 90000 करोड़ रुपए तक के दावों का भुगतान किसानों के खाते में किया जा चुका है। यह भुगतान किसानों के खाते में सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जाता है। यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आप को Pradhanmantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत आवेदन करना होगा। आवेदन ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है। सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत किसानों को आवेदन आरंभ होने की जानकारी देने के लिए रवि तथा खरीफ सीजन में विज्ञापन भी जारी किया जाता है।

सरकार द्वारा इस योजना का प्रचार भी किया जाता है। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा किसानों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाई जा सके और सभी पात्र किसान इस योजना का लाभ उठा सकें। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को फसल खराब होने के कारण आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अब तक किए गए 90000 करोड रूपए के दावों का भुगतान

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को फसल पर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना 13 जनवरी 2016 को आरंभ की गई थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बाढ़, आंधी, तेज बारिश आदि के चलते फसल को हुए नुकसान पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना को भारतीय कृषि बीमा कंपनी द्वारा संचालित किया जाता है। Fasal Bima Yojana के अंतर्गत एक वर्ष में लगभग 5.5 करोड़ किसानों के आवेदन आते हैं और इस योजना में अब तक 90000 करोड रुपए के दावों का भुगतान किया जा चुका है। यह दावे आधार सीडिंग के माध्यम से निपटाए जाते हैं। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 7000000 किसानों को 8741.30 करोड़ रुपए प्रदान किए गए।

  • इस योजना के अंतर्गत अतिरिक्त प्रीमियम की राशि राज्य एवं भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है और पूर्वोत्तर राज्यों में 90 फ़ीसदी प्रीमियम की राशि भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत औसदन बीमित राशि ₹40700 कर दी गई है। यह राशि पहले ₹15,100 प्रति हेक्टेयर थी।
  • इस योजना के अंतर्गत बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक की पूरा समय शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रोकी गई बुवाई और फसल के बीच होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान भी शामिल किया गया है। इस योजना के अंतर्गत समय-समय पर सुधार किए गए हैं। जिससे कि इसे फ्लैक्सिबल बनाया जा सके।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का बजट

फसल को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आरंभ की गई थी। इस योजना के अंतर्गत बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक का समय कवर किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत रोकी गई बुवाई और मध्य मौसम प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को भी कवर किया गया है। फसल का नुकसान होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना को 13 जनवरी 2016 को आरंभ किया गया था। इस योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2021–22 के लिए 16000 करोड रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। यह बजट पिछले साल के बजट के तुलना में 305 करोड रुपए ज्यादा है। इस योजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र का विकास होगा।

  • विश्व स्तर पर भागीदारी के मामले में Fasal Bima Yojanaसबसे बड़ी फसल बीमा योजना है तथा प्रीमियम के मामले में तीसरी सबसे बड़ी योजना है। प्रतिवर्ष लगभग 5.5 करोड़ किसान इस योजना के अंतर्गत आवेदन करते हैं। पिछले 5 वर्षों का कार्यान्वयन देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को रीलॉन्च करने का निर्णय लिया था। इस योजना को रीलॉन्च करने के बाद इसमें कई संशोधन भी किए गए हैं।
  • इस योजना के अंतर्गत फसल नुकसान की रिपोर्ट करना बेहद आसान है। यह रिपोर्ट ऐप के माध्यम से, कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से या फिर निकटतम कृषि अधिकारी के माध्यम से फसल नुकसान के 72 घंटे के भीतर किया जा सकती है। दावे की राशि किसान के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से पहुंचाई जाएगी। इस योजना के अंतर्गत नामांकित कुल किसानों में से 84% छोटे और सीमांत किसान हैं।

पीएम फसल बीमा योजना रबी फसल बीमा प्रक्रिया शुरू

Pradhanmantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत रबी फसल बीमा प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी किसानों के बैंक अकाउंट से प्रीमियम की राशि काटी जाएगी। सभी बैंकों को सरकार द्वारा प्रीमियम की राशि काटने के निर्देश दे दिए गए हैं। 31 दिसंबर 2020 से पहले पहले प्रीमियम की राशि किसानों के अकाउंट से काट ली जाएगी और फिर इसकी जानकारी 15 जनवरी 2021 तक पोर्टल पर दर्ज कर दी जाएगी। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी सभी मध्यप्रदेश के बैंकों के नोडल कार्यालय को प्रदान कर दी है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को स्केल ऑफ फाइनेंस का 1.5 फ़ीसदी प्रीमियम के रूप में देना होगा।

  • सभी ऋणी किसानों का प्रीमियम बैंक द्वारा स्वत ही काट लिया जाएगा। अब इस योजना के अंतर्गत ऋणी किसानों को सहमति पत्र देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और वह सभी ऋणी किसान जो इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त नहीं करना चाहते उन्हें बैंक में असहमति पत्र जमा करना होगा।
  • इसी के साथ सभी अऋणी किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए सहमति पत्र देना अनिवार्य होगा तभी उनकी फसल का बीमा हो पाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए सभी किसानों को किसी भी राज्य स्तरीय सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, वाणिज्यिक बैंक, वित्तीय संस्था से संपर्क करना होगा।

प्रधानमंत्रीफसलबीमायोजनाकाउद्देश्य

भारत में अधिकतर खेती करने वाले किसानो को फसलों में होने वाले नुकसान पर सरकार मदद करेगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2021 किसानो को खेती में रूचि बनाये रखना तथा स्थायी आमदनी उपलब्ध कराना इस योजना में किसानो की फसलों में होने वाले नुकसान व चिंताओं से मुक्त कराना है और लगातार खेती करने के लिए किसानो को बढ़ाबा देना है और भारत  को विकसित तथा प्रगतिशील बनाना है |

नामांकित किसानों के आवेदनों की संख्या

वर्षनामांकित किसानों की संख्या
2018-19577.7 lakh
2019-20612.3 lakh
2020-21613.6 lakh

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

  • PM Fasal Bima Yojana को देश के किसानों को किसी प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले फसल के नुकसान पर इंश्योरेंस कवर प्रदान करने के लिए आरंभ किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से अब तक लाखों किसानों को लाभ पहुंचा है।
  • पहले 3 वर्षों में किसानों द्वारा लगभग 13000 करोड रुपए का प्रीमियम जमा किया गया है।
  • जिसके बदले उनको 60000 करोड रुपए तक का इंश्योरेंस क्लेम प्राप्त हुआ है।
  • सरकार द्वारा सभी पात्र किसानों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। जिस के लिए सरकार द्वारा प्रचार किया जाता है।
  • इस योजना को 27 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित किया जाता है।
  • इस योजना के अंतर्गत क्लेम रेश्यो 88.3 प्रतिशत है।
  • सरकार द्वारा समय-समय पर इस योजना की समीक्षा की जाती है एवं सभी हितग्राही को से संवाद किया जाता है।
  • इस योजना में फरवरी 2021 में कुछ संशोधन भी किए गए हैं। जिससे कि सभी किसानों को और बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सके।
  • संशोधित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अनुसार वह राज्य जिनमें स्टेट सब्सिडी की पेमेंट लंबे समय तक विलंब है वह इस योजना में भाग नहीं ले पाएंगे।
  • बीमा कंपनी द्वारा 0.5% प्राप्त हुई प्रीमियम की राशि इंफॉर्मेशन, एजुकेशन एंड कम्युनिकेशन एक्टिविटी के लिए खर्च की जाती है।
  • इस योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए एक सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी का भी गठन किया गया है।
  • Pradhanmantri Fasal Bima Yojana को आधार एक्ट 2016 के अंतर्गत संचालित किया जाता है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी के पास आधार नंबर होना अनिवार्य है।
  • इस योजना को संचालित करने का मुख्य उद्देश्य सभी किसानों को खेती करने के लिए बिना किसी आपदा की चिंता किए प्रोत्साहित करना है।


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना दिसंबर अपडेट

फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान पर इंश्योरेंस कवर प्रदान किया जाता है। अब सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत वाइल्ड लाइफ डैमेज को कवर करने का भी फैसला लिया गया है। अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यदि फसल को जंगली जानवरों के कारण नुकसान पहुंचता है तो किसान को फसल पर हुए नुकसान पर कवर प्रदान किया जाएगा। यह सुविधा एक ऐडऑन कवरेज के तौर पर प्रदान की जाएगी। यह एड ऑन कवरेज किसानों के लिए वैकल्पिक होगी।

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यदि वाइल्ड लाइफ कवर किसानों को लेना है तो उसके लिए प्रीमियम का भुगतान किसानों को ही करना होगा। हालांकि राज्य सरकार इस कवरेज पर अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करने पर विचार कर रही है।
  • बीमा कंपनी तथा MoEFCC के परामर्श से सरकार द्वारा बोलियो के मूल्यांकन के लिए विस्तृत प्रोटोकॉल और प्रक्रिया तैयार कर ली गई है।
  •  वन अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया है कि राज्य पहले से ही क्रॉप डैमेज कंपनसेशन किसानों को प्रदान करती थी। अब विभिन्न राज्यों द्वारा प्राप्त किए गए सुझाव के अनुसार जंगली जानवरों से हुए नुकसान को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दिशा निर्देशों में शामिल कर लिया गया है। महाराष्ट्र के फसल क्षति को रोकने के लिए स्थापित किए गए एक पैनल के द्वारा भी इस कदम की सिफारिश की गई है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना नवंबर अपडेट

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की फसल को कुदरती आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए आरंभ की गई है। इस समय देश में कहीं भारी बारिश हो रही है तो कहीं सूखा पड़ा है। जिससे की फसल को काफी भारी नुकसान पहुंच रहा है। यदि फसल को कोई नुकसान होता है तो 72 घंटे में शिकायत स्थानीय कृषि कार्यालय किसान हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करानी होगी। इसके अलावा यह शिकायत क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर भी दर्ज कराई जा सकती है। यदि आपको इस बारे में अन्य जानकारी प्राप्त करनी है तो आप हेल्पलाइन नंबर वन 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं।

Crops & Premium In PMFBY Scheme 2021

क्र0स0फसलकिसान द्वारा देय बीमा राशि का प्रतिशत
1खरीफ2.0%
2रबी1.5%
3वार्षिक वाणिज्यिक एवं बागवानी फसले5%

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रीमियम राशि

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को प्रीमियम की राशि का भुगतान करना होता है। यह प्रीमियम की राशि अन्य फसल बीमा योजनाओं की अपेक्षा में प्रधानमंत्री बीमा योजना में बहुत कम रखी गई है। प्रीमियम की राशि कुछ इस प्रकार है।

  • खरीफ फसल के लिए: बीमित राशि का 2%
  • रबी फसल के लिए: बीमित राशि का 1.5%
  • सालाना वाणिज्यिक और बागवानी की फसल के लिए: बीमित राशि का 5%

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना  गतिविधि कैलेंडर

गतिविधि कैलेंडरखरीफरबी
अनिवार्य आधार पर लोनी किसानों के लिए स्वीकृत ऋण।अप्रैल से जुलाई तकअक्टूबर से दिसम्बर तक
किसानों के प्रस्तावों की प्राप्ति के लिए कट ऑफ़ तारीख (ऋणदाता और गैर-ऋणदाता)।31 जुलाई31 दिसम्बर
उपज डेेटा प्राप्त करने के लिये कट आफ तारीखअतिंम फसल के एक महीने के भीतरअतिंम फसल के एक महीने के भीतर

Revised प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

प्रकारवर्ष 2016 के लियेवर्ष 2019 के लिये
किसान द्वारा देय प्रीमियम धनराशिरू 900रू 600
शतप्रतिशत नुकसान की दशा मे किसान को प्राप्त धन राशिरू 15000रू 30000

फसल बीमा योजना में अब तक जमा किया गया प्रीमियम

पिछले तीन सालों में इस योजना में 13,000 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा हुआ है, लेकिन जब प्राकृतिक आपदा आई, तो किसानों को प्रीमियम से साढ़े 4 गुनी राशि करीब 64,000 करोड़ रुपये मुआवजा के रूप में प्राप्त हुआ।’ तोमर ने बताया कि प्रीमियम की हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह खरीफ फसल के लिए 2 फीसद, रबी फसल के लिए 1.5 फीसद और व्यावसायिक व बागवानी फसलों के लिए अधिकतम 5 फीसद है।लॉकडाउन के दौरान इस योजना के तहत 8,090 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का भुगतान किया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की विशेषताएं

  • PM Fasal Bima Yojana के माध्यम से प्राकृतिक कारणों की वजह से फसल को होने वाले नुकसान पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • इस योजना के माध्यम से किसानों की आय में स्थिरता आती है एवं उन्हें नवीन प्रथाओं को अपनाने में प्रोत्साहन प्राप्त होता है।
  • प्रमुख फसलों के अधिसूचित बीमा इकाई को कम कर दिया गया है।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को actuarial/bidded प्रीमियम रेट पर संचालित किया जा रहा है।
  • इस योजना के अंतर्गत छोटे किसानों को अधिकतम 2% खरीफ पर, 1.5% राबी एवं तिलहन फसलों पर एवं 5% वाणिज्य या बागवानी फसलों पर प्रीमियम का भुगतान करना होगा। इसके अलावा यदि किसान को अधिक प्रीमियम देना पड़े तो उसकी 50% की राशि राज्य सरकार एवं 50% की राशि केंद्र सरकार द्वारा वाहन की जाएगी। पूर्वोत्तर राज्यों के मामले में 90% की राशि केंद्र सरकार एवं 10% की राशि राज्य सरकार द्वारा वाहन की जाएगी।
  • किसान द्वारा देय प्रीमियम एवं बीमा शुल्क की दर के बीच का अंतर सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जाएगा।
  • ऋणी एवं गैर ऋण किसानों को सामान्य बीमा राशि का भुगतान करना होगा।
  • सरकार द्वारा प्रीमियम पर कैपिंग के प्रावधान को हटा दिया गया है जिसके कारण बीमा राशि में कमी आई है।
  • इस योजना के अंतर्गत रोकी गई बुवाई के लिए बीमित राशि के 25% तक के दावे का प्रावधान है।
  • यदि बीमा इकाई में फसल की क्षति 50% से अधिक बताई जाती है तो मध्यम मौसम प्रतिकूलता के लिए बीमा राशि का 25% तक ऑन अकाउंट भुगतान किया जाएगा।
  • शेष क्लेम की राशि फसल कटाई प्रयोगों के आंकड़ों के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
  • दावों को शीघ्र निपटाने के लिए फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए रिमोट सेंसिंग तकनीक, स्मार्टफोन और ड्रोन का उपयोग किया जाएगा।
  • फसल बीमा पोर्टल को भी इस योजना के बेहतर कार्यान्वयन के लिए विकसित किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से दावे की राशि सीधे किसान के खाते में जमा की जाती है।
  • सरकार द्वारा सभी हिट धारकों के बीच योजना के बारे में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत देश के किसानो की फसलों में होने वाले नुकसान का बीमा दिया जायेगा
  • यदि किसी किसान की फसल प्राकर्तिक आपदा के कारण नष्ट हुई है तो उन्हें इस योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा ।
  • यदि किसी किसान की फसल किसी मानव के कारण नष्ट हुई है तो उन्हें इस योजना के तहत कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा ।
  • पॉलिसी के अंतर्गत किसानो को खरीफ फसल 2% के लिए रवि की फसल के लिए 1. 5% का भुगतान करते है जिसके अनुसार प्राकृतिक नुकसान जैसे -सूखा बाढ़ ओले के कारण फसल को बहुत हानि होने पर सरकार द्वारा मदद की जाती है |

Fasal Bima Yojana की पात्रता

  • इस योजना के तहत देश के सभी किसान पात्र हो सकते है ।
  • इस योजना के तहत आप अपनी ज़मीन पर की गयी खेती का बीमा करवा सकते है साथ ही आप किसी उधार की पर ली गयी ज़मीन पर की गयी खेती का भी बीमा करवा सकते है ।
  • देश क उन किसानो का इस योजना के तहत पात्र माना जायेगा ।जो पहले किसी बीमा योजना का लाभ नहीं ले रहे हो ।

PMFBY के ज़रूरी दस्तावेज़

  • किसान का आई डी कार्ड
  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • बैंक खाता
  • किसान का एड्रेस प्रूफ (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस ,पासपोट, वोटर   ID कार्ड )
  • अगर खेत किराये पर लेकर खेती की गयी है तो खेत के मालिक के साथ इकरार की फोटो कॉपी
  • खेत का खाता नंबर /खसरा नंबर के पेपर
  • आवेदक का फोटो
  • किसान द्वारा फसल की वुआई शुरू किए हुए दिन की तारीख 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मैं आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी तिथियां

यदि आप प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो खरीफ फसल के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई है तथा रबी फसल के लिए अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। इस योजना की अंतिम तिथि सीएससी केंद्र, पीएमएफबीवाई पोर्टल, इंश्योरेंस कंपनी या फिर कृषि अधिकारी से भी पूछी जा सकती हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन ?

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फॉर्म ऑनलाइन भरने की लिए इस वेबसाइट पर क्लिक करना होगा |
  • फसल बीमा योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले आप को ऑफिशियल वेबसाइट पर अपना एक एकाउंट बनाना होगा

Hello Dosto Mera Name Madhav Netam Hai. Main, Mera Internet Gyan, Mera General Knowledge Ka founder Hu. Dosto Mujhe Blogging Karna Bahut Pasand Hai. Main Internet Se Naye Naye Jaankari Leta Rahta Hu Aur Apne Visiter Ke liye Naye Naye Technical Related Jaankari Deta Hu. Aur Main Internet Se Sabka Help Karta Hu Mujhe Help Karna Bahut Achchha Lagta Hai

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